08-फरवरी-2013 12:17 ISTग्रामीण विद्युतिकरण निगम लिमिटेड ने लाभ से वंचित लोगों को प्राथमिक चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया कराने के लिए कॉरपोरेट समाजिक दायित्व के तहत 127.28 लाख रुपए की सहायता प्रदान की ग्रामीण विद्युतिकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) ने रायबरेली (उत्तरप्रदेश) के गांवों में लाभ से वंचित लोगों को तीन वर्षों की अवधि के लिए प्राथमिक चिकित्सकीय सेवाएं मुहैया कराने के लिए कॉरपोरेट समाजिक दायित्व के तहत कल बिजली राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति में स्माइल फाउंडेशन के साथ सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आरईसी के मुख्य प्रबंध अधिकारी श्री राजीव शर्मा तथा बिजली मंत्रालय और आरईसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व पहल के तहत मोबाइल स्वास्थ्य वैन लक्षित गांवों में रहने वाले लोगों को प्रजनन और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवाएं मुहाएं कराएगी। इसमें सुरक्षित मातृत्व और सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समीपवर्ती सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, निजी क्लिनिकों, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ संपर्क भी शामिल है।
इस अवसर पर मंत्री महोदय ने गांव के गरीबों के लाभ से संबंधित इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आरईसी और स्माइल फाउंडेशन को शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस कार्यक्रम की सफलता की भी कामना की।
ग्रामीण विद्युतिकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) एक सरकारी उद्यम है जो अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व अभियान के तहत लाभ से वंचित लोगों को सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्माइल फाउंडेशन राष्ट्र स्तरीय विकासात्मक संगठन है जो वर्तमान में 200,000 से भी अधिक बच्चों और युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, आजीविका, महिला सशक्तिकरण आदि से संबंधित 185 कल्याण योजनाओं के ज़रिए भारत के 25 राज्यों में सीधे तौर पर मदद पहुंचाता है।
वि.कासोटिया/प्रियंका/सुमन - 495
Friday, February 08, 2013
Friday, October 05, 2012
उत्तरप्रदेश में विकास की रफ़्तार तेज़
05-अक्टूबर-2012 12:27 IST
हांडिया-वाराणसी खंड को छह लेन का बनाने की मंजूरी
आधारभूत संरचना की मंत्रिमंडलीय समिति ने डिजाइन, निर्माण, वित्त, परिचालन और हस्तांतरण बीओटी(टोल) प्रणाली के आधार पर एनएचडीपी चरण-5 के अंतर्गत उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के हांडिया-वाराणसी खंड को छह लेन का बनाने की मंजूरी दे दी है। इस सड़क की कुल लंबाई 72.398 किलोमीटर होगी। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पूर्व-निर्माण गतिविधियों सहित परियोजना की कुल लागत 944.90 करोड़ रूपये होगी। 30 महीने की निर्माण अवधि सहित इस सड़क की रियायती अवधि 28 वर्ष होगी।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तरप्रदेश में आधारभूत संरचना सुधार में तेजी लाने के साथ-साथ हांडिया-वाराणसी के बीच चलने वाले भारी यातायात के समय और यात्रा की लागत में कमी लाना भी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-2 खंड इलाहाबाद-हांडिया-वाराणसी और उत्तरप्रदेश के दक्षिणी पूर्वी भाग के अन्य शहरों को आपस में जोड़ता है। परियोजना गतिविधियों के लिए इससे स्थानीय मजदूरों को अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे और उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद, प्रतापगढ़, डॉ. अंबेडकर नगर, मिर्जापुर और वाराणसी जिले लाभांवित होंगे। (पत्र सूचना कार्यालय)
मीणा/इन्द्रपाल/गीता-4791
हांडिया-वाराणसी खंड को छह लेन का बनाने की मंजूरी
आधारभूत संरचना की मंत्रिमंडलीय समिति ने डिजाइन, निर्माण, वित्त, परिचालन और हस्तांतरण बीओटी(टोल) प्रणाली के आधार पर एनएचडीपी चरण-5 के अंतर्गत उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के हांडिया-वाराणसी खंड को छह लेन का बनाने की मंजूरी दे दी है। इस सड़क की कुल लंबाई 72.398 किलोमीटर होगी। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पूर्व-निर्माण गतिविधियों सहित परियोजना की कुल लागत 944.90 करोड़ रूपये होगी। 30 महीने की निर्माण अवधि सहित इस सड़क की रियायती अवधि 28 वर्ष होगी।
परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तरप्रदेश में आधारभूत संरचना सुधार में तेजी लाने के साथ-साथ हांडिया-वाराणसी के बीच चलने वाले भारी यातायात के समय और यात्रा की लागत में कमी लाना भी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-2 खंड इलाहाबाद-हांडिया-वाराणसी और उत्तरप्रदेश के दक्षिणी पूर्वी भाग के अन्य शहरों को आपस में जोड़ता है। परियोजना गतिविधियों के लिए इससे स्थानीय मजदूरों को अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे और उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद, प्रतापगढ़, डॉ. अंबेडकर नगर, मिर्जापुर और वाराणसी जिले लाभांवित होंगे। (पत्र सूचना कार्यालय)
मीणा/इन्द्रपाल/गीता-4791
Subscribe to:
Posts (Atom)